जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी मिशन योजना को लागू करने हेतु सार्थ प्रयास –
केन्द्र शासन में जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी मिशन योजना के अन्तर्गत 74 नगरीय निकायों का चयन किया गया है जिनमें से जबलपुर भी एक है। इस योजना में देश भर में कहीं भी केंट क्षेत्र का समावेश नहीं था। इस विषय को सांसद श्री राकेश सिंह द्वारा लोकसभा में उठाया गया एवं संबंधित मंत्री से पत्राचार किया गया, जिसके परिणाम स्वरूप जवाहर लाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी मिशन योजना के अन्तर्गत केंट क्षेत्र का भी समावेश किया गया है जिसका लाभ जबलपुर केन्ट क्षेत्र के निवासियों को भी मिलेगा।
रेडीमेड गारमेंट्स काम्पलेक्स हेतु प्रयास
जबलपुर में बड़ी संख्या में रेडीमेड गारमेंट का कार्य करने वाले कारखाने है। यहां से निर्मित वस्त्र सारे देश में जाते हैं। इस व्यवसाय को एक व्यवस्थित रूप प्राप्त हो इस हेतु रेडीमेड गारमेंट काम्प्लेक्स तथा रेडीमेड गारमेंट के उद्योगों को बढ़ावा देने के लिये सांसद श्री राकेश सिंह द्वारा प्रयास किये गये। केन्द्रीय कपड़ा मंत्री श्री शंकर सिंह बाघेला तथा अन्य संबंधित अधिकारियों से भेट कर इस विषय को आगे बढ़ाया गया एवं रेडीमेड गारमेंट व्यवसायियों की बैठक आयोजित कर इस विषय पर चर्चा की गई
पारदर्शिता हेतु प्रयास-
प्रदेशों में एक मात्र जबलपुर संसदीय क्षेत्र है जिसमें प्रत्येक लोकसभा सत्र के उपरांत पत्रकारवार्ता के माध्यम से जनहित में लोकसभा व दिल्ली में की गई कार्यवाही की सूचना जन सामान्य को नियमित रूप से दी जाती है।
जीरो-प्वाइंट-
जबलपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र में भारत का भौगोलिक केंद्र बिन्दू- “जीरो प्वाइंट” को देश के पर्यटन मानचित्र पर लाने हेतु सांसद श्री राकेश सिंह द्वारा प्रयास किया गया।
प्राकृतिक आपदा पर लोकसभा में पहल –
लोकसभा क्षेत्र के अन्तर्गत ओला वृष्टि व अतिवर्षा से प्रभावित कटनी जिले की मुड़वारा एवं बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्रों एवं जबलपुर की सिहोरा व पनागर विधानसभा क्षेत्रों का सांसद श्री राकेश सिंह ने दौरा किया तथा पीड़ितों को अधिक से अधिक मुआवजा दिलाये जाने हेतु लोकसभा में मुद्दा उठाया।
मास्को यात्रा के दौरान उद्योगपतियों से भेंट –

Moscow Visit
सांसद श्री राकेश सिंह ने जुलाई 2006 में अपनी मास्को यात्रा के दौरान वहां के भारतीय मूल के उद्योगपतियों से विशेष भेंट एवं चर्चा कर उन्हें जबलपुर कटनी संसदीय क्षेत्र में निवेश करने हेतु आमंत्रित किया।

जबलपुर में कृषि आधारित उद्योगों का केन्द्र बनाने हेतु सार्थक प्रयास-
जबलपुर में कृषि उत्पादन का स्तर अच्छा है विशेषत: यहां का मटर, टमाटर तथा मिर्ची सारे देश में प्रसिद्ध है। देश के उद्योगपतियों के सामने यह बात लाने के लिये सांसद श्री राकेश सिंह के नेतृत्व में खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से कृषि आधारित उद्योगों पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन दिनांक 21 फरवरी 2005 को जबलपुर में किया गया जिसमें देश के प्रमुख उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया। तत्कालीन उद्योग मंत्री, मध्यप्रदेश शासन श्री कैलाश चावला इस कार्यशाला में माननीय मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में विशेष रूप से सम्मिलित हुये साथ ही कृषि मंत्री, मध्यप्रदेश शासन श्री गोपाल भार्गव की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। सांसद श्री राकेश सिंह द्वारा अथक प्रयासों से जबलपुर में मटर का उत्पादन जो किया शासकीय रिकार्ड में शून्य दर्शाया जाता था। उसे केन्द्र शासन से आग्रह कर योग्य आंकड़े केन्द्र शासन के रिकार्ड में दर्ज कराये गये।
वन संरक्षण एवं वृक्ष संवर्धन –
डुमना क्षेत्र की शासकीय भूमि पर अत्यधिक वृक्ष लगे हैं इन्हें वन विहार के स्वरूप में व्यवस्थित रूप से विकसित करने के लिये सांसद श्री राकेश सिंह के प्रयास से 2 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत करायी गई।
जबलपुर को टूरिस्ट हब बनना :-

जबलपुर को टूरिस्ट हब बनाने का सार्थक प्रयास – जबलपुर में पर्यटन की अपार संभावनाओं को उजागर करते हुये जबलपुर को विश्व के पर्यटन मानचित्र पर जाने का साथ प्रयास सांसद राकेश सिंह द्वारा किया गया।
प्रतिवर्ष नर्मदा महोत्सव की शुरुआत :-

संस्कारधनी में सुप्रसिद्ध प्रर्यटन स्थल भेड़ाघाट में वर्ष 2004 से प्रतिवर्ष नर्मदा महोत्सव की शुरूआज करायी गई।
विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की :-
जबलपुर में पर्यटन की संभावना को प्रोजेक्ट करने वली विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर पर्यटन क्षेत्र के शीर्ष व्यक्तियों, राजनेताओं तथा केन्द्रीय एवं राज्य पर्यटन मंत्रियों को प्रस्तुत की गई।
टूर आपरेटर्स का सम्मेलन:-
जबलपुर में पहली बार देश के प्रमुख टूर आपरेटर्स का सांसद श्री राकेश सिंह के संयोजन में तीन दिवसीय सम्मेलन दिनांक 28-04-2006 से 30-04-2006 तक आयोजित किया गया। इस सेमीनार में देशभर से लगभग 70 टूर आपरेटर्स उपस्थित हुये। तत्कालीन पर्यटन मंत्री मध्यप्रदेश शासन श्रीमती यशोधरा राजेसिंधिया के मुख्य आतिथ्य में यह सेमीनार आयोजित किया गया था। जिसमें सभी टूर आपरेटर्स के समक्ष जबलपुर के पर्यटन महत्व को दर्शाया गया एवं टूर आपरेटर्स को भेड़ाघाट तथा कान्हा के पर्यटन महत्व को रेखांकित करने के उद्देश्य से विशेष रूप से भ्रमण करया गया।
बरगी डेम में क्रूज का संचालन :-
बरगी डे में क्रूज की मांग रखी गई थी जो कि सफलता से संचालित हो रही है। इसी के साथ बरगी से तिंदनी(कान्हा) तक नर्मदा नदी में जल मार्ग पर क्रूज के संचालन हेतु सार्थक प्रयास किये गये। इन सभी का परिणाम यह है कि आज जबलपुर क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में अच्छी खासी बड़त हुई है। जबलपुर तथा आसपास के होटल मे सैलानियों की संख्या दर में वृद्धि हुई है।
जबलपुर को मुंबई से वायु सेवा से जोड़ने हेतु अनेक प्रयास

Meeting with Minister Shri Prafulla Patel
इस विषय को आगे बढ़ाते हुये सांसद श्री राकेश सिंह द्वारा जबलपुर को मुंबई से वायु सेवा से जोड़ने हेतु अनेक प्रयास किये गये। किंगफिशर, जेट एयरवेज, गो एयर के अधिकारिओं से मुंबई में जाकर व्यक्तिगत भेंट की गई। अनेक पत्र लिये गये, सतत् फोन द्वारा इनका फालोअप किया गया और दिनांक 26 मई 2007 को जबलपुर के इतिहास में पहली बार किंगफिशर एयर लाइंस के चार प्रमुख उच्चाधिकारियों के समक्ष जबलपुर में वायु सेवा के महत्व का प्रजेंटेशन किया गया।
एयर डेक्कन की जबलपुर से नई दिल्ली वायु सेवा का प्रारंभ
जबलपुर भारतीय वायु सेवा के नक्शे में जो था किन्तु यहां कभी भी दैनिक वायु सेवा की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इस हेतु सांसद राकेश सिंह द्वारा सभी स्तर पर अनेक प्रयास किये गये, अनेक बार केन्द्रीय उड्डयन मंत्री श्री प्रफुल्ल पटेल, प्रबंध संचालक ए.आर.डेक्कन, केप्टन श्री गोपीनाथ तथा सबंधित मंत्रालयों के अधिकारियों से भेट व लोकसभा में प्रश्न, इन सबके परिणाम स्वरूप दिनांक 23 अप्रैल 2005 को एयर डेक्कन की जबपलुर से नई दिल्ली के लिये दैनिक वायु सेवा का प्रारंभ हुआ और जबलपुर दैनिक वायु सेवा के नक्शे पर आ गया।
नाईट लैडिंग फैसिलिटी हेतु प्रयास
आज यह परिस्थिति है कि किंगफिशर, इंडियन एयर लाइंस एवं जैट उयरवेज ने शीघ्र ही जबलपुर को मुंबई तथा अन्य महानगरों से जोड़ने की योजनाओं पर काम करना प्रारंभ कर दिया है। ब्रिटिश काल में जबलपुर हवाई अड्डे पर नाईट लैडिंग फैसिलिटी को रक्षा उत्पादन संबंधी कारखाने होने कारण रोक दिया गया था। नाइट लैडिंग फैसिलिटी के निराकरण हेतु सांसद श्री राकेश सिंह द्वारा अनेक प्रयास किये गय। रक्षा मंत्री से अनेक बार व्यक्तिगत भेंट, दर्जनों पत्र लिये गये, उड्डयन मंत्रालय से रक्षा मंत्रालय के बीच में इन नाईटलैडिंग के विषय पर समन्वयक भी भूमिका अदा की गई और इन सभी प्रयासों के कारण रक्षा मंत्रालय ने नाइट लैडिंग हेतु अधिकृत रूप से अपनी आपत्ति वापिस ली जो जबलपुर के लिये एक बड़ी उपलब्धि है।
जबलपुर-गोंदिया ब्राडगेज हेतु अधिकतम राशि स्वीकृत करायी गई।

जबलपुर भारतीय रेल का प्रमुख स्थानक रहा है तथा जोन बन जाने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ गया है। जबलपुर-गोंदिया छोटी लाइन बड़ी लाइन में परिवर्तित होने के बाद इस क्षेत्र का सामरिक महत्व अत्यधिक बढ़ने वाला है। रेलवे के स्विर्णम त्रिभुज (इटारसी-भुसावल-नागपुर) को तोड़ते हुये जबलपुर रेलवे का स्विर्णम चतुर्भुज बनायेगा। जिसका चौथा कोण जबलपुर होगा। इस महत्व को देखते हुये रेल मंत्रालय पर लगातार दबाव बनाकर जबलपुर-गोंदिया ब्राडगेज हेतु अधिकतम राशि स्वीकृत करायी गई।
जबलपुर से जम्मू-तवी सीधी रेल सेवा प्रारंभ हो सकी।
इस हेतु भारतीय जतना पार्टी के समस्त कार्यकर्ताओं द्वारा रेलवे जोन मुख्यालय के सामने दिनांक 7 फरवरी 2006 को विशाल प्रदर्शन किया गया। अथक प्रयासों के बाद जबलपुर से जम्मू-तवी सीधी रेल सेवा प्रारंभ हो सकी। मां वैष्णों देवी जाने वाले भक्तों के लिये सौगात के रूप में भेंट मिली।
दयोदय एक्सप्रेस को कोटा से बढ़ाकर जयपुर तक कराया गया।

Meeting the Railway Board Chairman
दयोदय एक्सप्रेस को कोटा से बढ़ाकर जयपुर तक कराया गया – दिनांक 10 जनवरी 2007 को जबलपुर से कटनी तक शटल का आकिस्मक निरीक्षण कर अव्यवस्थाओं के प्रति रेलवे प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया गया।
कटनी-मुडवारा स्टेशन में यात्री सुविधाओं के विस्तारीकरण
जबपलुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत कटनी-मुडवारा स्टेशन में यात्री सुविधाओं के विस्तारीकरण हेतु प्रयास कर कार्यरूप में परिणित कराया गया। जबलपुर एवं कटनी में रेल सुविधाओं के विकास के लिये ससंद में रेल बजट पर प्रति वर्ष प्रखरता से अपने पक्ष रखे।
कटनी में खिरहनी ओव्हर ब्रिज के निर्माण हेतु सतत् प्रयास जारी है।