रेल सेवा हेतु प्रयास
जबलपुर-गोंदिया ब्राडगेज हेतु अधिकतम राशि स्वीकृत करायी गई।

जबलपुर भारतीय रेल का प्रमुख स्थानक रहा है तथा जोन बन जाने के कारण इसका महत्व और भी बढ़ गया है। जबलपुर-गोंदिया छोटी लाइन बड़ी लाइन में परिवर्तित होने के बाद इस क्षेत्र का सामरिक महत्व अत्यधिक बढ़ने वाला है। रेलवे के स्विर्णम त्रिभुज (इटारसी-भुसावल-नागपुर) को तोड़ते हुये जबलपुर रेलवे का स्विर्णम चतुर्भुज बनायेगा। जिसका चौथा कोण जबलपुर होगा। इस महत्व को देखते हुये रेल मंत्रालय पर लगातार दबाव बनाकर जबलपुर-गोंदिया ब्राडगेज हेतु अधिकतम राशि स्वीकृत करायी गई।
जबलपुर से जम्मू-तवी सीधी रेल सेवा प्रारंभ हो सकी।
इस हेतु भारतीय जतना पार्टी के समस्त कार्यकर्ताओं द्वारा रेलवे जोन मुख्यालय के सामने दिनांक 7 फरवरी 2006 को विशाल प्रदर्शन किया गया। अथक प्रयासों के बाद जबलपुर से जम्मू-तवी सीधी रेल सेवा प्रारंभ हो सकी। मां वैष्णों देवी जाने वाले भक्तों के लिये सौगात के रूप में भेंट मिली।
दयोदय एक्सप्रेस को कोटा से बढ़ाकर जयपुर तक कराया गया।

Meeting the Railway Board Chairman
दयोदय एक्सप्रेस को कोटा से बढ़ाकर जयपुर तक कराया गया – दिनांक 10 जनवरी 2007 को जबलपुर से कटनी तक शटल का आकिस्मक निरीक्षण कर अव्यवस्थाओं के प्रति रेलवे प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया गया।
कटनी-मुडवारा स्टेशन में यात्री सुविधाओं के विस्तारीकरण
जबपलुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत कटनी-मुडवारा स्टेशन में यात्री सुविधाओं के विस्तारीकरण हेतु प्रयास कर कार्यरूप में परिणित कराया गया। जबलपुर एवं कटनी में रेल सुविधाओं के विकास के लिये ससंद में रेल बजट पर प्रति वर्ष प्रखरता से अपने पक्ष रखे।
कटनी में खिरहनी ओव्हर ब्रिज के निर्माण हेतु सतत् प्रयास जारी है।
