ट्रेनों के एसी कोच को साफ-सुथरा रखने पैसेंजर को डिस्पोजल बैग दिए जाएंगे

दिंनाक: 11 Apr 2016 12:08:09


ट्रेनों के एसी कोच को साफ-सुथरा रखने पैसेंजर को डिस्पोजल बैग दिए जाएंगे। ये कैरी बैग की तरह होंगे और सफर के दौरान निकलने वाले कचरे को पैसेंजर यहां-वहां न फेंककर इसमें रख सकेंगे। वहीं अभी बेडरोल के साथ दिए जाने वाले कागज के कवर को बंद कर दिया जाएगा। गोंडवाना ट्रेन में डिस्पोजल बैग का प्रयोग सफल होने के बाद पश्चिम मध्य रेलवे ने इस सुविधा को जबलपुर और भोपाल मंडल की प्रमुख ट्रेनों में शुरू करने का निर्णय लिया है। हालांकि अभी ट्रेनों की चिन्हित नहीं किया गया है।

दरअसल बेडरोल के साथ दिए जाने वाले कागज के कवर का उपयोग न के बराबर है। बल्कि पैसेंजर इसका उपयोग खाने के बाद गंदगी साफ करने में करते हैं। रेलवे के जानकार बताते हैं कि अधिकांश बार इन कवर का उपयोग न होने से पैसेंजर इसे सीट या अन्य जगह फंसा देते हैं या फिर यहां-वहां फेंक देते हैं। ज्यादातर यह कचरा ही बन जाता है, लेकिन इनकी जगह डिस्पोजल बैग की उपयोगिता ज्यादा है। ट्रेन में खाने-पीने के दौरान निकलने वाले कचरे को इसमें रखा जा सकता है।

पमरे ने फरवरी में जबलपुर मंडल की गोंडवाना ट्रेन में इस सुविधा को प्रायोगिक तौर पर शुरू किया था। एक निजी कंपनी के सहयोग से एसी कोच के पैसेंजर को कागज के कवर की जगह डिस्पोजल बैग दिए गए। एक माह तक प्रयोग मेंबेहतर परिणाम सामने आए। ट्रेनों में न सिर्फ गंदगी कम मिली बल्कि कोच में बदबू आने का प्रतिशत भी कम हो गया।

• उपयोगिता - कागज के कवर की उपयोगिता न के बराबर है, जबकि डिस्पोजल बैग, कैरी बैग की तरह काम करेगा।

• गंदगी - ट्रेन में कागज के कवर का उपयोग न होने से पैसेंजर इसे यहा-वहां फेंक देते हैं, लेकिन डिस्पोजल बैग में कचरा रख सकेंगे।

• पैसेंजर - प्रयोगिक तौर पर पैसेंजर को दिए गए डिस्पोजल बैग के परिणाम बेहतर सामने आए। एसी कोच में गंदगी का प्रतिशत कम मिला।

• दाम- रेलवे को कागज की अपेक्षा डिस्पोजल बैग महंगे मिलेंगे। कागज का एक कवर औसतन 1.50 रुपए में मिलता है, लेकिन डिस्पोजल बैग 3 रुपए में मिलेंगे।

• किराया-अभी पैसेंजर से एक बेडरोल के 25 रुपए लिए जाते हैं। हालांकि डिस्पोजल बैग चार्ज रेलवे पैसेंजर से नहीं लेगा।

• ऑन बोर्ड क्लीनिंग में रेलवे के कर्मचारी कम लगेंगे।

• ट्रेनों में गंदगी कम होने से क्लीनिंग सुविधाओं में इजाफा होगा।

• पैसेंजर से फीडबैक अच्छा मिलेगा और मपरे की गुडविल बढ़ेगी।

• डिस्पोजल बैग का उपयोग बढ़ने पर डस्टबिन की संख्या कम हो जाएगी।

जबलपुर मंडल ने गोंडवाना ट्रेन के एसी कोच में पैसेंजर को कागज के कवर की जगह डिस्पोजल बैग दिए गए थे। इस प्रयोगिक तौर पर शुरू किया गया था। परिणाम बेहतर रहे।

हम जल्द ही जोन की ट्रेनों में ये सुविधा शुरू करेंगे।