अनाज भण्डारण की समुचित व्यवस्था हेतु उठाये गये कदमों की जानकारी हेतु लोकसभा में उठाये प्रश्न

दिंनाक: 26 Apr 2016 11:05:32


लोकसभा में एक तारांकित प्रश्न के माध्यम से हम ने केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री रामविलास पासवान से जानना चाहा कि आगामी मौसम के दौरान खाद्यान्नों की खरीद हेतु राज्यवार के लिए क्या लक्ष्य निर्धारित किया है और उसके भण्डारण हेतु क्या व्यवस्था की गयी है ? क्या देश में अत्याधुनिक गोदामों की कमी है ?और अभी भी भण्डारण हेतु पारम्परिक तरीकों का प्रयोग किया जा रहा है जिससे खाद्यान्न की हानि होती है। इस संबंध में कुछ सुधारात्मक कार्यवाही की गयी है और गत तीन वर्षों तथा चालू वर्ष के दौरान गोदामों के निर्माण हेतु कितनी धनराशि आवंटित की गयी है। क्या विभिन्न राज्यों में अत्याधुनिक गोदामों सहित और अधिक गोदामों के निर्माण हेतु सरकार द्वारा कदम उठाये गये हैं? यदि हां तो उनका ब्यौरा, साथ ही गोदामों के निर्माण हेतु राज्यवार कितनी धनराशि आवंटित की गयी है और इसके लिए क्या लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
हमारा मानना है कि आजादी के इतने साल बीतने के बाद भी हमें आज अनाज के भंडारण को लेकर चिंता करनी पड़ रही है तो यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। यदि पहले की सरकारों ने इस पर चिंता किया होता और अपनी जिम्मेदारी निभायी होती तो शायद आज इन परिस्थितियों का निर्माण नहीं होता। हम प्रधानमंत्री मोदी जी और सरकार के प्रति आभार प्रकट करते हैं और 14 अप्रैल से ग्रामोदय से भारत उदय तक जो अभियान प्रारंभ किया गया है उसमें प्रत्येक ग्राम पंचायत तक सरकार जिन विषयों को लेकर जा रही है उसमें फसल चक्र का निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण विषय भी शामिल है। इसके कारण निश्चित रूप से आने वाले समय में भंण्डारण की समस्या में कमी होगी। हम सरकार को बधाई देते हैं कि ऐसा पहली बार है कि जितनी आवश्यकता थी उससे अधिक भण्डारण की क्षमता हमारे पास है।
हमारी चर्चा के दौरान मंत्री महोदय का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट कराते हुए बतलाया कि जैसे-जैसे आबादी बढ़ रही है उसी के अनुसार अनाज की आवश्यकता भी बढ़ रही है। इस बार रेल बजट में यह तय हुआ है कि रेलवे ट्रेक के दोनो ओर खाली पड़ी जमीन का उपयोग खेती के लिए अलग-अलग तरीके से किया जायेगा। निश्चित रूप से इससे भी अनाज पैदा होगा।
यह प्रश्न सीधे तौर पर माननीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री जी के विभाग का विषय नहीं था लेकिन हम यह जानना चाहते हैं कि इस विषय पर मंत्री जी ने रेलवे विभाग से कोई चर्चा की है या नहीं। अभी 19 सेंट्रल रेल साइट वेयर हाउसिंग यूनिट्स हैं और अगर मंत्रीजी ने प्रयास किये तो आने वाले समय में देश के सभी रेलवे जंक्शन पर इस तरह के वेयर हाउसिंग काम्पलेक्सिस का निर्माण हो सकेगा जिससे अनाज अधिक मात्रा मंे ट्रेक के दोनों ओर उत्पादित हो पाएगा जिसका व्यवस्थित भंडारण किया जा सकेगा।
देश में 1958 से इंडियन ग्रेन स्टोरेज मेनेजमेंट एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट काम कर रहा है जो भण्डारण को लेकर विभिन्न सरकारी अधिकारियों को प्रशिक्षण देता है। इसके अतिरिक्त हमने सरकार से यह पूछा की क्या सरकार देश में वृहत रूप से अनाज भंडारण को लेकर किसानों को प्रशिक्षित करने की कोई योजना बनाएगी।

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