भ्रष्टाचार, कालाधन, आतंकवाद और नकली मुद्रा से निपटने के लिए एक ऐतिहासिक कदम

दिंनाक: 09 Nov 2016 12:49:24

भ्रष्टाचार व काले धन के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की ओर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह एक ऐतिहासिक निर्णय है। इस से देश में काले धन, भ्रष्टाचार और आतंकवाद पर व्यापक स्तर पर रोक लगेगी। आप सभी से मेरा अनुरोध है की भ्रष्टाचार, काला धन व जाली नोटों से देश की अर्थव्यवस्था को बचने और देश को भ्रष्टाचार से मुक्त करने में अपना योगदान दें। आइये हम सब मिलके माननीय नरेंद्र मोदी जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलें और एक स्वर्णिम भारत के निर्माण में अपना योगदान दें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने मंगलवार शाम को अचानक पूरे भारत को एक संदेश देकर अचंभित कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे देश से वादा किया था कि वे देश को भ्रष्टाचार से मुक्त करेंगे। इसी मंजिल को प्राप्त करने के लिए उन्होने देश में बहुत ही बड़ा सर्जिकल हमला किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने भ्रष्टाचार, काला धन व जाली नोटों के खिलाफ एक बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाय़ा जिसके तहत मंगलवार मध्य रात्रि 12 बजे से 500 और 1000 रूपये के वर्तमान नोट कानूनी रूप से मान्य नहीं होंगे। मोदी ने कहा कि, 100, 50 , 20, 10, 5, 2 और एक रूपये के नोट व सिक्के नियमित रूप से स्वीकार्य रहेगें। हालांकि ऑनलाइन भुगतान, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड के जरिये लेनदेन सुचारू रूप से जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि 500 और 1000 के पुराने नोट 10 नवंबर से 30 दिसंबर 2016 तक बैंक, डाकघर, उपडाकघर के खातों में जमा कर सकते हैं। साथ ही प्रधानमंत्री ने बताया कि मंगलवार की मध्य रात्रि से 9 नवंबर तक बैंक व 11 नवंबर तक एटीएम बंद रहेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी जी ने सामान्य जनजीवन की जरूरत को ध्यान में रखते हुए कहा कि अगले 72 घंटों तक मरीजों को इलाज में तत्काल किसी तरह की दिक्कत न आए इसके लिए वे डॉक्टर की पर्ची पर 500 और 1000 रूपये के नोट से दवा खरीद सकते हैं। यह सुविधा केवल 72 घंटे तक ही यानि 11 नवंबर की मध्य रात्रि तक ही मिल पायेगी।

अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर विदेशी पर्यटकों को नई मान्य करेंसी से बदलने की सुविधा दी जायेगी। प्रधानमंत्री ने इस ऐलान के साथ ही देशवासियों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए भी उठाए गए कदमों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि, देशवासी 500 और 1000 रूपये के नोट को 10 नवंबर से 30 दिसंबर तक बैंक, डाकघर, उपडाकघर के खातों में जमा कर सकते हैं। इसके लिए लगभग 50 दिन का समय है।

500 और 1000 के नोट जमा करने के साथ ही वह दूसरे नोट बैंक या डाकघर से निकाल सकते हैं। शुरू के दिनों में प्रतिदिन 10 हजार और सप्ताह में 20 हजार की सीमा तय की गई है। 500 और 1000 की नोट पहचान पत्र (आधार, राशन कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट) दिखाकर बैंक व डाकघर से बदले जा सकते हैं। 10 नवंबर से 24 नवंबर तक 4 हजार तक के नोट बदले जा सकेंगे। इसके बाद 25 नवंबर से इस सीमा में वृद्धि कर दी जायेगी। अगर 30 दिसंबर तक किसी कारणवश कोई व्यक्ति 500 और 1000 का नोट जमा नहीं कर पाया तो एक आखिरी मौका भी दिया जायेगा।

देशवासियों को आखिरी मौका देते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि रिजर्व बैंक के कार्यालय में 31 मार्च 2017 तक 500 और 1000 रूपये के नोट घोषणापत्र के साथ जमा किये जा सकते हैं।

प्रधानमंत्री जी ने देश के नाम अपने संबोधन में ज़ोर देकर कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के आकाश पर चमकते सितारे के रूप में उभरा है। अंतराराष्ट्रीय मुद्रा कोष, विश्व बैंक की रिपोर्ट भी इसकी पुष्टि करते हैं। किंतु, सीमा पार से चल रही आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए और उनको धन मुहैया कराने के लिए पड़ोसी देश की ओर से जाली नोटों की खेप भेजी जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार व काले धन के खिलाफ निर्णायक लड़ाई का मन बनाया है। इसके तहत हमने यह कठोर कदम उठाया है।

 

 

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