आने वाले समय में जबलपुर आई.टी. क्षेत्र की कंपनियों के केंद्र के रूप में स्थापित होगा

दिंनाक: 29 Jun 2016 15:23:09


बरगी हिल्स स्थित निर्माणाधीन इलेक्ट्रानिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर एवं आई.टी. पार्क का निरीक्षण किया। इसका कार्य बहुत तेजी से चल रहा है, यहां तैयार हुई बिल्डिंग इसका प्रमाण है। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा 60 लाख रू एवं मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 60 लाख रू की राशि स्वीकृत की गयी थी। इसके अतिरिक्त सेल्फ डेव्हलपमेंट शेयर के तहत् आने वाली राशि भी आज की तारीख में पर्याप्त है।
लगभग 8 वर्ष पूर्व जबलपुर को आई.टी. हब बनने का तय किया और इसके लिए प्रयास प्रारंभ किये। लगातार प्रयासों के फलस्वरूप जबलपुर में इलेक्ट्रानिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर एवं साफ्टवेयर पार्क की घोषणा एवं उसकी आधारशिला केन्द्रीय सूचना प्रसारण एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चैहान के द्वारा रखी गयी थी। जिसके उपरांत इसका कार्य प्रारंभ हुआ। यह कार्य और तेजी से पूरा हो साथ ही अन्य आवश्यकताओं एवं कठिनाइयों को दूर करने के उद्देश्य से गत् दिनों प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह एवं इलेक्ट्रानिक डेव्हलपमेंट कार्पाेरेशन के एम.डी.श्री एम. सेलवेन्द्रम से दूरभाष पर चर्चा कर निरीक्षण का कार्यक्रम तय किया। आज इस निरीक्षण के दौरान सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सिविल इंजीनियर श्री प्रवीण दीक्षित, हाउसिंग बोर्ड के उपायुक्त श्री सुमन के साथ ही हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन यंत्री श्री एल.के. मालवीय सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
वर्तमान में 1 लाख 20 हजार स्कवेयर फीट में बिल्डिंग लगभग तैयार है जिसका कार्य 1 माह में पूर्ण होने की संभावना है जिसमें सभी अत्याधुनिक सुविधायें उपलब्ध रहेंगी। इस बिल्डिंग में इलेक्ट्रानिक विकास प्राधिकरण का कार्यालय रहेगा साथ ही इसी में कुछ आई.टी. क्षेत्र की कंपनियों को भी भवन आवंटित किया जा चुका है। इस आई.टी. पार्क में आने के इच्छुक आइडिया, वोडाफोन जैसी कंपनियों के साथ ही कुछ अन्य कंपनियां शामिल हैं इसको देखते हुए तत्काल लगभग इतने ही क्षेत्रफल की और बिल्डिंग की आवश्यकता है जिसके बनने से इस तरह की बड़ी कंपनियां यहां आ सकेंगी।
कंपनियों को आवंटित प्लाटों का भी निरीक्षण किया तथा सड़क सहित अन्य आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर डेव्हलपमेंट की जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण में यह ध्यान में आया कि आवंटित हुए प्लाटों को लेकर कंपनियों, इन्वेस्टर्स एवं इलेक्ट्रानिक विकास निगम के बीच कुछ छोटे-छोटे विषय लंबित हैं जिसके कारण लोगों को अपनी कंपनियां स्थापित करने में कठिनाई जा रही है।
कामर्शियल ब्लाक का भी निरीक्षण किया जिसमें इन कंपनियों के लिए रेस्टारेंट एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए दुकानें भी रहेंगी। इस कामर्शियल ब्लाक का काम भी पूर्णता की ओर है जो आगामी माह तक पूरा हो जायेगा।
आई.टी. के क्षेत्र में विकास की पर्याप्त संभावनायें हैं। टियर टू सिटी होने के कारण और उपलब्ध प्राकृतिक संसाधन पानी, बिजली, मैन पावर के कारण कंपनियों का रूझान जबलपुर की ओर है। आने वाले समय में बढ़ती हुई कनेक्टिविटी के साथ जबलपुर आई.टी. क्षेत्र की कंपनियांे के केंद्र के रूप में स्थापित हो सकता है। अभी वर्तमान आई.टी. पार्क में कुल 39 प्लाटों का प्रावधान इन्वेस्टर्स के लिए किया गया है जिनमें से 12 प्लाट आवंटित किये जा चुके हैं और 20 से अधिक प्लाट आवंटन की प्रक्रिया में हैं। यह साबित करता है कि जबलपुर को लेकर कंपनियों का रूझान है। चाहे वे स्थानीय कंपनियां हांे या बाहरी।
इन्वेस्टर्स की बढ़ती हुई संख्या को देखकर शासन के द्वारा वर्तमान निर्माणाधीन आई.टी.पार्क के ठीक सामने 11 हेक्टेयर और जमीन आवंटित कर दी है। जिसमें भी शीघ्र विकास कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिये। गधेरी में पूर्व मंे प्रस्तावित की गयी आई.टी. पार्क की 20 एकड़ जमीन को भी आई.टी.पार्क घोषित कर इसमें आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर डेव्हलप करने की आवश्यकता जतायी जो एअरपोर्ट के नजदीक होने तथा आई.टी. की दृष्टि से उपयुक्त लोकेशन पर होने के कारण इन्वेस्टर्स के लिए मनमाफिक जगह हो सकती है।
जबलपुर में प्रतिभाशाली युवाओं की कमी नहीं है। कंपनियों को प्रशिक्षित युवा मिलें इसके लिए आई.टी.ट्रेनिंग सेंटर की भी आवश्यकता है। और इसके लिए वे मध्यप्रदेश शासन एवं केन्द्रीय कौशल विकास मंत्री श्री राजीव प्रताप रूढ़ी से भी चर्चा कर जबलपुर में ऐसे ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना हेतु प्रयास करेंगे। ऐसे ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना से आई.टी. पार्क में जबलपुर के युवाओं को अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।
इलेक्ट्रानिक मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर एवं साफ्टवेयर पार्क का काम और भी तेज गति से हो जिससे शेष अन्य इन्वेस्टर्स भी कंपनी प्रारंभ करने अपना कार्य शीघ्र कर सकें इसके लिए बाउण्ड्रीबाल सहित अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के कार्य के साथ ही अन्य आवश्यक कार्यों एवं कठिनाइयों को दूर करने के लिए म.प्र.शासन के मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह एवं इलेक्ट्रानिक डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन के एम.डी.श्री एम. सेलवेन्द्रम से दूरभाष पर चर्चा कर आगामी 6 जुलाई को उन्हें जबलपुर आमंत्रित कर एक बैठक निर्धारित की है जिसमें इन सभी विषयों पर विस्तृत चर्चा की जायेगी।
इस बैठक के पूर्व जबलपुर के इन्वेस्टर्स से भी चर्चा कर उनकी समस्याओं को जानकर उनके निराकरण का प्रयास इस बैठक में किया जायेगा।

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